ओय ! ये क्या कमाल हो गया !!

मंगलवार, सितंबर 14, 2010 1 Comments A+ a-


ता नहीं कैसे आज सुबह बड़ी जल्दी आँख खुल गई और जल्दी से फ्रेश होकर ऑफिस जाने के लिए तैयार हो गया |
अब रोज रोज की आदत एक दिन में छुटने से रही .....   जब तक शेयर बाजार की जलती बुझती - लाल हरी बत्तियां ना देख लू दिन की शुरुवात ढंग से होती ही नहीं ,  जैसे ही ऑफिस पहुंचा देखता हु तो क्या ?
निफ्टी ६० पॉइंट प्लस !!! वैसे एक आम निवेशक की तरह मुझे भी नहीं लग रहा था की निफ्टी इतनी आसानी से ५७०० का स्तर पार कर पायेगी पर ये तो कमाल हो गया और धोती को फाड़ के रुमाल हो गया  |
 और CNBC  पर शाहरुख़ मियां अंग्रेजी में झाड़ रहे है ..  आय थिंक इन्वेस्टमेंट इज व्हाट यू नो .. अ अ अ  हुम्म हा हे हे हे !!

अर्रे यार वैसे ही अपनी माएं किसी न किसी घोचुरम की सफल गाथा सुना सुना कर कान खाती है अब तो ये जनाब भी आ गए तो चलो और एक धुरंधर निकल आये शेयर बाजार के चिराग से !! ऐसे देखा जाये तो शेयर बाजार का जितना भी सिमित सा अनुभव है किसी ऐसे महान असामी के दर्शन भी मुहाल हो गए थे अब शाहरुख़ साथ हो तो डरने की क्या बात है ?
शेयर बाजार के बारे में एक कहावत काफी इस्तेमाल की जाती है और जिसका नमूना हर गली मुहक्के नजर आता है जो है  " जुआ खाना और  शेयर  बाजार में हर कोई  आता अकड़ कर है और  जाता सिकुड़ कर है "
भगवन न करे को ये वाकया आपके साथ हो !
सेंसेक्स के २०,००० तो निफ्टी ६,००० और सोने की २२,००० जाने के अनुमानों से सारा अनुमानित संसार पता पड़ा है जब सेंसेक्स ने १८,००० को पार किया तो लगता था की शायद बिकवाली के चलते बाजार मर करेक्शन आएगा पार निफ्टी में शोर्ट करनेवाले गलत साबित हुए | पर पिछाले लेख के अनुसार अभी तक रिलायंस ९९५ को पर नहीं कर पाया जब की निफ्टी ४ साल के उच्च स्तर पर है| 

 सच में देखा जाये तो जिस हिसाब से निफ्टी और सेंसेक्स उछाले है उस हिसाब से निफ्टी के ५० शेयर उनके सही प्राइज पर आ जाने चाहिए थे पर असल में ऐसा हुवा नहीं और जो निवेशक पिछाले साल के अप्रैल माह में निफ्टी के शेयर में फंसे थे वे अब भी फंसे हुए है |

जिनमे सबसे पहला नाम है  १. सुजलोन २. टाटा स्टील ३. झंडू फार्मा (रिअल्टी) ४. बजाज ऑटो  और भी कई नामचीन मौजूद है जो  अभीतक सालभर के दरमियाँ कोई जोहर नहीं दिखा पाए और निफ्टी सांग सेंसेक्स भागे जा रहे है | इस साल और इन दिनों बैंक सेक्टर काफी मुनाफा दे चूका है और शायद अब थोडा करेक्शन आने का डर निवेशकों को सताए | क्यूंकि बैंक सेक्टर में सबसे जादा स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया बढ़ चूका है और इसी स्टोक में करेक्शन आने की शंका छोटे और मंझोले निवेशकों को सता रही है |
ओह ! काश उनकी सारी बातें सच हो जाएँ जो सेंसेक्स को २०,००० और २४,०००  पर देखना चाहते है ताकि सारे अटके मुसाफिर आसानी से बहार आ जाएँ और नई उमंग से ट्रेडिंग करें |
चलिए सेंसेक्स की बढाती उम्र की दुवा के साथ .... विदा लेता हु |
धन्यवाद !

1 टिप्पणियाँ:

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14 सितंबर 2010 को 9:30 pm बजे delete

बढ़िया प्रस्तुति .... आभार.

हिंदी दिवस की शुभ कामनाएं

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(आप कभी सोचा है कि यंत्र क्या होता है ..... ?)
http://oshotheone.blogspot.com/2010/09/blog-post_13.html

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